हर्षिल-धराली आपदा के बाद जनजीवन को पटरी पर लाने के लिए प्रशासन के प्रयास जारी
उत्तरकाशी। हाल ही में आई हर्षिल-धराली आपदा के बाद प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन को सामान्य बनाने हेतु प्रशासन द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देश पर प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आज आईटीबीपी और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम द्वारा डबरानी, झाला और मुखवा में सचल एवं सामान्य स्वास्थ्य राहत शिविर लगाए गए। इन शिविरों में कुल 52 लोगों की स्वास्थ्य जांच व परीक्षण कर उन्हें प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया। प्रशासन का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सेवाओं की बहाली और राहत कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
राहत राशि एवं गृह अनुदान के चेक वितरित
उत्तरकाशी। जनपद की बड़कोट तहसील के रानाचट्टी क्षेत्र में गदेरे के उफान से कुछ घरों में पानी और मलबा भर गया था, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देश पर गुरुवार को प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए प्रशासन ने राहत राशि (अहेतुक) के चौक वितरित किए। इस दौरान 10 परिवारों को राहत राशि तथा 02 परिवारों को आवासीय क्षति (गृह अनुदान) के चौक प्रदान किए गए। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी और क्षेत्र की स्थिति को जल्द सामान्य बनाने के प्रयास जारी रहेंगे।
उत्तरकाशी के लिए विशेष पैकेज की मांग
उत्तरकाशी। राज्य मंत्री प्रताप सिंह पंवार ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर आपदा प्रभावित उत्तरकाशी जनपद के लिए विशेष राहत पैकेज की मांग की। उन्होंने कहा कि धराली गांव के प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा, सुरक्षित विस्थापन और पुनर्वास प्राथमिकता से सुनिश्चित किया जाए। पंवार ने रोजगार एवं स्वरोजगार योजनाओं को आजीविका पुनर्निर्माण में शामिल करने और क्षतिग्रस्त होटल, दुकानें, होम स्टे एवं ढाबों को मुआवजा देने की बात कही। उन्होंने गंगोत्री विधानसभा क्षेत्र में भूस्खलन व क्षतिग्रस्त सड़कों पर भी चर्चा की।