अंकिता हत्याकांड में वीआईपी प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो: डॉ. प्रतिमा सिंह
देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी प्रकरण को लेकर प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह ने सरकार और केंद्रीय जांच ब्यूरो की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने अभिनेत्री उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि मामले से जुड़े सवालों का निष्पक्ष समाधान करने के बजाय कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने इन आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की।
डॉ. सिंह ने कहा कि यदि उर्मिला सनावर ने अदालत के समक्ष नार्काे टेस्ट कराने की सहमति दी थी, तो जांच एजेंसी को मामले में सामने आए तथ्यों की पड़ताल करनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम और यमकेश्वर विधायक रेणु बिष्ट से अब तक पूछताछ क्यों नहीं की गई। उन्होंने दोनों की भूमिका, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन और डिजिटल साक्ष्यों की जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि अंकिता को न्याय दिलाने के लिए कथित वीआईपी से जुड़े आरोपों की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। डॉ. सिंह ने मामले से जुड़े गवाहों और व्यक्तियों को अन्य मुकदमों में उलझाकर दबाव बनाने के आरोपों की जांच कराने की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया पर किसी तरह का दबाव नहीं होना चाहिए और अदालत को पूरे घटनाक्रम पर ध्यान देना चाहिए। डॉ. सिंह ने उर्मिला सनावर का निष्पक्ष नार्काे टेस्ट कराने तथा मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करने की मांग करते हुए कहा कि अंकिता को न्याय दिलाने के लिए पारदर्शी जांच जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता अंकिता को न्याय दिलाने की मांग कर रही है और जांच में किसी भी व्यक्ति के राजनीतिक प्रभाव को आड़े नहीं आने देना चाहिए।