नशे के कारोबार पर सख्ती, मेडिकल स्टोरों की जांच के निर्देश

टिहरी। अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलक्ट्रेट में जिला स्तरीय नार्काे-कोऑर्डिनेशन सेंटर की मासिक बैठक हुई। इसमें नशे की रोकथाम, मादक पदार्थों की तस्करी पर कार्रवाई और जनजागरूकता कार्यक्रमों की समीक्षा की गई।
बैठक में बताया गया कि सितंबर में एनडीपीएस अधिनियम के तहत तीन मुकदमे दर्ज कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आबकारी अधिनियम के तहत आठ मुकदमों में आठ आरोपी गिरफ्तार हुए। एएनटीएफ ने 50 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए, जिनमें 2,636 छात्र-छात्राओं और 2,398 स्थानीय लोगों ने भाग लिया। कोटपा के तहत 180 चालान कर 5,840 रुपये का जुर्माना वसूला गया। अपर जिलाधिकारी ने त्योहारों के मद्देनजर छापेमारी बढ़ाने, दूरस्थ क्षेत्रों में भांग की अवैध खेती नष्ट करने और बार-बार नशे के कारोबार में शामिल लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षण संस्थानों में एंटी ड्रग कमेटियों को सक्रिय करने और नशे से प्रभावित विद्यार्थियों की काउंसलिंग कराने को कहा। ड्रग इंस्पेक्टर को मेडिकल स्टोरों की नियमित जांच और आकस्मिक छापेमारी करने के निर्देश दिए गए। बिना लाइसेंस दुकानों तथा प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री पर कार्रवाई के साथ सीसीटीवी व्यवस्था की जानकारी जुटाने को भी कहा गया। बैठक में स्वास्थ्य, पुलिस, आबकारी और अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।