तीन जगद्गुरुओं सहित संतों ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से की भेंट

देहरादून/वाराणसी। काशी में विराजमान ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से रविवार को तीन जगद्गुरुओं सहित विभिन्न संतों ने भेंट कर आध्यात्मिक विषयों पर विमर्श किया और उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया। इस अवसर पर संतों ने शंकराचार्य को अंगवस्त्र, भगवान जगन्नाथ का महाप्रसाद और डॉ. अंकिता द्वारा रचित ‘सनातन शाश्वत’ पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया। श्रीविद्यामठ में उपस्थित बटुकों, विद्वानों और संतों को भी अंगवस्त्र व महाप्रसाद वितरित किया गया।
भेंट करने वालों में जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी योगेश्वराचार्य, स्वामी अवधेशानंद, स्वामी सारंगधराचार्य, स्वामी चंद्रप्रकाशाचार्य सहित अन्य संत शामिल रहे। संतों ने धर्म और गौमाता की रक्षा के लिए शंकराचार्य के प्रयासों की सराहना करते हुए उनके साथ खड़े रहने का संकल्प व्यक्त किया। शंकराचार्य ने कहा कि वे पद की शोभा बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि धर्म की रक्षा के लिए शंकराचार्य बने हैं। गौमाता और धर्म की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। जगद्गुरु योगेश्वराचार्य ने कहा कि गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित किया जाना चाहिए। यह जानकारी शंकराचार्य के मीडिया प्रभारी संजय पांडेय ने दी।