संस्कृत छात्र प्रतियोगिता उत्तराखंड प्रदेश के प्रत्येक जनपद के प्रत्येक विकासखंड में आज होगी आयोजित

उत्तराखंड प्रहरी ब्यूरो / कमलेश पुरोहित,
बुधवार केो उत्तराखंड संस्कृत संस्थान द्वारा आयोजित 18वीं खण्डस्तरीय प्रतियोगिता के अंतर्गत कनिष्ठ वर्ग की प्रतियोगिताओं का आयोजन श्री गरीबदासीय साधु संस्कृत महाविद्यालय के परिसर में किया गया। जिसमें बहादराबाद विकासखंड के समस्त शासकीय,अशासकीय और प्रबंधकीय विद्यालय के छात्रों ने उत्साहपूर्वक संस्कृत समूह नाटक, संस्कृत समूह नृत्य, संस्कृत समूह गान, संस्कृत आशु भाषण, संस्कृत वाद-विवाद और श्लोकोच्चारण प्रतियोगिताओं में भाग लिया। कार्यक्रम का प्रारंभ प्रोफेसर विनय कुमार विद्यालंकार- सचिव उत्तराखंड संस्कृत संस्थान, मुख्यातिथि के रूप में उज्ज्वल पंडित सचिव श्रीगंगा सभा हरिद्वार, विशिष्ट अतिथि डॉक्टर वाजश्रवा आर्य उपनिदेशक संस्कृत शिक्षा/ सहायक निदेशक हरिद्वार और मार्गदर्शक डॉक्टर हरीश गुरुरानी शोध अधिकारी उत्तराखंड संस्कृत संस्थान हरिद्वार बहादराबाद के द्वारा दीपप्रज्वलन से किया गया। उसके बाद श्री जगद्गुरु श्री चंद्र संस्कृत उत्तर मध्यमा विद्यालय भगवद्धाम के छात्रों द्वारा समस्त आगंतुक अतिथियों का स्वागत गीत के द्वारा किया गया। इस अवसर पर संस्कृत शिक्षा उपनिदेशक डॉ. वाजश्रवा आर्य ने उद्बोधन में कहा कि यह संस्कृत छात्र प्रतियोगिता उत्तराखंड प्रदेश के प्रत्येक जनपद के प्रत्येक विकासखंड में आज आयोजित की जा रही है। जिसमें हजारों प्रतिभागी प्रतिभा कर रहे हैं। उसके बाद गंगा सभा के सचिव श्रीमान उज्ज्वल पंडित जी ने कहा कि संस्कृत संस्कारों की भाषा है प्रत्येक व्यक्ति को संस्कृत भाषा का ज्ञान होना चाहिए। उसके पश्चात उत्तराखंड संस्कृत संस्थान की सचिव प्रोफेसर विनय कुमार विद्यालंकार जी ने कहा कि यह संस्कृत छात्र प्रतियोगिता छात्रों के सर्वांगीण विकास संस्कृत भाषा के संवर्धन और संरक्षण के लिए आयोजित की जा रही है। उसके पश्चात उत्तराखंड संस्कृत संस्थान के शोध अधिकारी डॉक्टर हरीश गुरुरानी ने कहा कि संस्कृत भाषा बालकों में “वसुधैव कुटुंबकम्” एवं”संगच्छध्वं संवदध्वं सं वो मनांसि जानताम्।देवा भागं यथा पूर्वे संजानाना उपासते” और “माता भूमिः पुत्रो$हम् पृथिव्याः” आदि की भावना को जागृत करता है।
संस्कृत भाषा आज के युग को दिशा देने वाली भाषा है अतः संस्कृत भाषा जन जन की भाषा हो इस उद्देश्य से यह संस्कृत छात्र प्रतियोगिता उत्तराखंड संस्कृत संस्थान द्वारा आयोजित की जाती है। इस अवसर पर बहादराबाद विकासखंड की संयोजक श्री प्रकाश चंद्र तिवारी जी ने सभी अतिथियों का और श्रीगरीबदासीयसाधु संस्कृत महाविद्यालय की प्राचार्य डॉक्टर प्रेरणा गर्ग, डॉक्टर केशव बलियानी, आचार्य डम्बर प्रसाद पोडेल, डॉक्टर नरेश शर्मा का आभार व्यक्त किया। बहादराबाद विकासखंड के खंड संयोजक डॉक्टर प्रकाश चंद्र तिवारी जी ने कहा कि संस्कृत छात्र प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए छात्रों में उत्साह दिखाई दे रहा है।
उत्तराखंड संस्कृत संस्थान द्वारा आयोजित संस्कृत छात्र प्रतियोगिता कनिष्ठ वर्ग के संस्कृत नाटक में प्रथम स्थान श्रीजगद्देव सिंह संस्कृत उत्तर मध्यमा विद्यालय सप्तऋषि के छात्रों ने प्राप्त किया। संस्कृत समूह गान में प्रथम स्थान आचार्य कुलम पतंजलि योगपीठ हरिद्वार, द्वितीय स्थान डी. ए. वी. सेंनेटरी पब्लिक स्कूल जगजीतपुर हरिद्वार और तृतीय स्थान श्रीजगद्गुरु श्रीचंद्र संस्कृत उत्तर मध्यमा विद्यालय भगवत धाम हरिद्वार ने प्राप्त किया।
संस्कृत समूह नृत्य में प्रथम स्थान आचार्य कुलम पतंजलि योगपीठ हरिद्वार, द्वितीय स्थान स्वामी शंभुदेव संस्कृत उत्तर मध्यमा विद्यालय खड़खड़ी हरिद्वार और तृतीय स्थान पी.एम.श्री. राजकीय कन्या इंटर कॉलेज ज्वालापुर हरिद्वार ने प्राप्त किया। संस्कृत वाद विवाद में प्रथम स्थान आचार्यकुलम् पतंजलि योगपीठ हरिद्वार के छात्र गौरिका और शौर्यराज ने,
द्वितीय स्थान श्री जगद्गुरु श्री चंद्र संस्कृत उत्तर मध्यमा विद्यालय भगवत धाम हरिद्वार के छात्र रश्मि पैन्यूली और नव्या ने तथा तृतीय स्थान एंजिल्स एकेडमी स्कूल बहादराबाद के छात्र मृत्युंजय पांडेय और प्रणीत जेडली ने प्राप्त किया। संस्कृत आशु भाषण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान श्री जगद्गुरु श्रीचंद्र संस्कृत उत्तरमध्यमा विद्यालय के छात्र अक्षित बडोनी, द्वितीय स्थान श्रीजगद्देव सिंह संस्कृत उत्तर मध्यमा विद्यालय सप्त ऋषि आश्रम हरिद्वार के छात्र अथर्व ढौंडियाल और
तृतीय स्थान आचार्य कुलम पतंजलि योगपीठ हरिद्वार की छात्रा भव्या ने प्राप्त किया।
श्लोक उच्चारण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान श्री जगतगुरु श्री चंद्र संस्कृत उत्तर मध्यमा विद्यालय के छात्र अनिरुद्ध बहुखंडी, द्वितीय स्थान आचार्य कुलम पतंजलि योगपीठ हरिद्वार की सोनाक्षी ने सोनाक्षी, तृतीय स्थान श्री गरीबदासीय साधु संस्कृत उत्तर मध्यमा विद्यालय कनखल हरिद्वार के छात्र अनुराग दीक्षित ने प्राप्त किया।