पशुओं में अस्थि भंग प्रबंधन व अस्थिरोग तकनीकों की दी जानकारी

देहरादून। पशुचिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में हो रहे निरंतर परिवर्तनों को ध्यान में रखते हुए पशुपालन विभाग में कार्यरत पशुचिकित्साधिकारियों के कौशल विकास के उद्देश्य से उत्तराखण्ड राज्य पशुचिकित्सा परिषद द्वारा तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण में विभाग के 20 पशुचिकित्साधिकारियों ने प्रतिभाग किया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. उदय शंकर एवं उत्तराखण्ड राज्य पशुचिकित्सा परिषद के अध्यक्ष डॉ. कैलाश उनियाल द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। प्रशिक्षण में विषय विशेषज्ञ के रूप में भारतीय पशुचिकित्सा अनुसंधान संस्थान, बरेली के सहायक प्रोफेसर डॉ. रोहित कुमार ने पशुओं में अस्थि-भंग प्रबंधन एवं अस्थिरोग तकनीकों की विस्तृत एवं व्यावहारिक जानकारी दी।
इस अवसर पर परिषद के रजिस्ट्रार डॉ. प्रलयंकर नाथ ने बताया कि सतत कौशल विकास कार्यक्रम के अंतर्गत भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण आयोजित किए जाएंगे। निदेशक डॉ. उदय शंकर ने प्रतिभागियों से अपेक्षा की कि वे अर्जित ज्ञान का उपयोग कर पशुपालकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करें।