छिपे हुए चेहरों की अब खैर नहीं: पुलिस ने शुरू किया ‘’ऑपरेशन क्रैक डाउन’’

चमोली। प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए ’’उत्तराखण्ड पुलिस’’ मुख्यालय के द्वारा एक माह का ’ऑपरेशन क्रैक डाउन’ सत्यापन अभियान पूरे राज्य में प्रारंभ किया गया है। जनपद चमोली में पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार के आदेशानुसार सभी थाना, सर्किल व चौकी स्तर पर यह अभियान प्रभावी रूप से लागू किया गया है।
अभियान का उद्देश्य आश्रम, होम-स्टे, होटल, गेस्ट हाउस, हॉस्टल, पीजी, किराए के मकान, फैक्ट्रियों, कोचिंग सेंटरों व निजी प्रतिष्ठानों में रह रहे बाहरी, अपरिचित व संदिग्ध व्यक्तियों का सत्यापन कर आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाना है। प्रत्येक थाने में फील्ड टीमें गठित की गई हैं, जो भौतिक सत्यापन के साथ तकनीकी जांच व राष्ट्रीय पोर्टलों से डेटा मिलान कर रही हैं। एसपी पंवार ने स्पष्ट किया कि महिलाओं, बच्चों व वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है। बिना सत्यापन बाहरी व्यक्तियों को रखने पर मकान मालिकों व संस्थान संचालकों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

ऑपरेशन क्रैक डाउन: 2186 व्यक्तियों का किया सत्यापन
देहरादून। संदिग्ध व बाहरी व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई हेतु एसएसपी देहरादून के निर्देश पर सोमवार को देहरादून के नगर व देहात क्षेत्रों में सुबह से ही पुलिस की अलग-अलग टीमों ने व्यापक सत्यापन कार्रवाई की।
अभियान के दौरान 2186 बाहरी व्यक्तियों का सत्यापन किया गया। अनियमितता पाए जाने और किरायेदारों का सत्यापन न कराने पर 83 पुलिस एक्ट के अंतर्गत 191 व्यक्तियों के चालान कर 19 लाख 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं 81 पुलिस एक्ट में 55 व्यक्तियों के चालान कर 13,250 रुपये का जुर्माना वसूला गया। इसके अतिरिक्त 28 संदिग्ध व्यक्तियों को थाने लाकर पूछताछ व भौतिक सत्यापन किया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि अभियान के दौरान आपराधिक पृष्ठभूमि छिपाकर रहने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
पुलिस का सघन सत्यापन अभियान शुरू
उत्तरकाशी। पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय के निर्देशन में उत्तरकाशी जनपद के सभी थाना व कोतवाली क्षेत्रों में अभियान की शुरुआत की गई। अभियान के पहले दिन पुलिस टीमों ने बाहरी प्रान्तों से आकर प्रॉपर्टी डीलिंग, भवन निर्माण, खनन व अन्य कार्यों में लगे 107 व्यक्तियों का भौतिक सत्यापन किया। किरायेदारों का सत्यापन न कराने पर 7 मकान मालिकों के विरुद्ध पुलिस एक्ट के तहत चालानी कार्रवाई की गई।