कथा में राम तिलक, वनवास व केवल मिलन का किया वर्णन

हरिद्वार। सनातन ज्ञानपीठ शिव मंदिर, सेक्टर 1, भेल रानीपुर प्रांगण में लगातार जारी 57वीं श्री राम जानकी कथा का सातवां दिवस सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर परम पूज्य आचार्य महंत प्रदीप गोस्वामी महाराज ने राम तिलक, राम वनवास, श्री राम केवट मिलन और भारद्वाज मुनि के मिलन की कथा सुनाई।
कथा में राजा दशरथ द्वारा राम का युवराज चयन, कैकेयी के वरदान और राम, सीता व लक्ष्मण का वनवास, तमसा नदी व श्रृंगवेरपुर से गुह व केवट से मिलन और चित्रकूट प्रस्थान का विवरण शामिल था। कथा में श्री राम के मर्यादा, त्याग, पितृ-भक्ति, धैर्य और संतों के प्रति सम्मान की शिक्षाएं सामने आईं। कार्यक्रम में मंदिर सचिव ब्रिजेश कुमार शर्मा, मुख्य यजमान जे.पी. अग्रवाल, मंजू अग्रवाल, पुलकित अग्रवाल, सुरभि अग्रवाल, दिलीप गुप्ता, तेज प्रकाश, अनिल चौहान समेत दर्जनों समाजजन और भक्तजन उपस्थित रहे। कथा के अंत में श्रोताओं ने रामकथा से प्रेरणा लेते हुए धर्म, भक्ति और मर्यादा का संदेश ग्रहण किया।