उत्तराखंड मातृ-शिशु स्वास्थ्य सुधार में सशक्त, 34 लाख लोगों को मिली सुविधाएं

देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल। राज्य स्थापना के बाद उत्तराखंड ने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण में उल्लेखनीय प्रगति की है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन से मातृ-शिशु स्वास्थ्य, पोषण, टीकाकरण और संस्थागत प्रसव के क्षेत्र में बड़ा सुधार हुआ है।
एसआरएस 2021-23 रिपोर्ट के अनुसार राज्य का मातृ मृत्यु अनुपात घटकर 91 प्रति लाख जीवित जन्म रह गया है, जो 12.5 प्रतिशत की कमी दर्शाता है। संस्थागत प्रसव दर 95 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। राज्य के 2059 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में प्रतिवर्ष 34 लाख से अधिक लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं।
पिछले तीन वर्षों में 28.80 लाख लाभार्थियों की रक्तचाप एवं शुगर जांच, 13.1 लाख महिलाओं की स्तन कैंसर स्क्रीनिंग की गई। रक्त संचरण सेवाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु प्रदेश में 67 रक्तकोष स्थापित किए गए हैं। टीबी उन्मूलन में उत्तराखंड ने राष्ट्रीय लक्ष्य से अधिक (113 प्रतिशत) उपलब्धि हासिल की है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊँचाई दी है और स्वस्थ नागरिक, समृद्ध राज्य के लक्ष्य की ओर उत्तराखंड तेज़ी से अग्रसर है।