जलाराम आश्रम की संपत्ति को लेकर विवाद गहराया, महासचिव ने लगाए गंभीर आरोप
हरिद्वार। जलाराम आश्रम की संपत्ति को खुर्दबुर्द करने का आरोप लगाते हुए महासचिव स्वामी प्रेमानंद महाराज एवं ट्रस्ट के ललित पुरी ने प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता की। उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 में ट्रस्ट का गठन हुआ था और गीताबेन को अध्यक्ष बनाया गया था, लेकिन सरोजिनी गिरी के बहकावे में आकर वे संपत्ति बेचने की मांग कर रही हैं। आरोप लगाया गया कि सरोजिनी गिरी ने नियमों के विपरीत नई ट्रस्ट बनाई है और आश्रम पर कब्जा करने की साजिश रच रही हैं।
स्वामी प्रेमानंद महाराज ने कहा कि भाजपा पार्षद आकाश भाटी, जो आश्रम की मदद कर रहे हैं, उन पर भी झूठे और बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि गीता बेन को अध्यक्ष पद से हटा दिया गया है और सरोजिनी गिरी को पावर ऑफ अटॉर्नी देने की प्रक्रिया नियमों के विपरीत है। आरोप लगाया गया कि आश्रम की छवि धूमिल करने और मंदिर को भी नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने शासन-प्रशासन से मांग की कि सरोजिनी गिरी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए, क्योंकि वह लगातार कार्यों में हस्तक्षेप कर रही हैं और संतों को झूठे मामलों में फंसाने की साजिश कर रही हैं। स्वामी परमानंद ने कहा कि यह षड्यंत्र कई राज्यों में भी चलाया जा रहा है, जिससे भगवा की छवि खराब हो रही है। जल्द ही जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक हरी गिरी से इस मुद्दे पर चर्चा की जाएगी। केके अग्रवाल ने भी आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ प्रशासन को सख्त कदम उठाने चाहिए।