विचार संरक्षण से स्टार्ट-अप को सशक्त बनाने पर हुआ मंथन

विचार संरक्षण से स्टार्ट-अप को सशक्त बनाने पर हुआ मंथन


श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के चौरास परिसर स्थित पत्रकारिता एवं जनसंचार केंद्र में यूकोस्ट प्रायोजित विचारों की सुरक्षा और विकास को बल विषयक सत्र का सफल आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम का उद्देश्य नवप्रवर्तकों और उद्यमियों को बौद्धिक संपदा अधिकारों (आईपीआर) के महत्व से अवगत कराना और स्टार्ट-अप्स के लिए एक स्थायी व प्रतिस्पर्धी भविष्य को आकार देने पर बल देना था।
सत्र का आयोजन विश्वविद्यालय के आरडीसी और संस्थान नवाचार परिषद (आईआईसी) द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। आरडीसी की निदेशक प्रो. हेमवती नंदन ने स्टार्ट-अप्स के लिए आईपीआर की भूमिका पर जोर देते हुए ज्ञानवर्धक विचार साझा किए। विशिष्ट अतिथि, यूकोस्ट देहरादून के संयुक्त निदेशक डॉ. डी.पी. उनियाल ने कहा कि नवाचार के इस युग में बौद्धिक संपदा की सुरक्षा स्टार्ट-अप्स की सफलता का मुख्य कारक है।
प्रथम वक्ता, आईआईटी रुड़की के प्रो. रजत अग्रवाल ने बताया कि पेटेंट, कॉपीराइट और भौगोलिक संकेत न केवल विचारों की रक्षा करते हैं, बल्कि निवेशकों को आकर्षित करने और बाजार में विश्वसनीयता बढ़ाने में भी सहायक हैं। दूसरे वक्ता, डॉ. नागेंद्र बी. कोंडेकर (निदेशक, विकल्प केमटेक प्राइवेट लिमिटेड, सोलापुर) ने उद्यमशीलता की यात्रा में अवसरों और चुनौतियों के संतुलन पर प्रकाश डाला और प्रतिभागियों को नवाचार के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
सत्र में डॉ. राम साहू, डॉ. मनीषा निगम, डॉ. साकेत कुमार भारद्वाज, डॉ. भूपेंद्र कुमार, डॉ. हर्षवर्धनी शर्मा सहित विभिन्न स्तरों के छात्र शामिल हुए। अंत में डॉ. सुधांशु जायसवाल ने धन्यवाद ज्ञापन दिया और संचालन डॉ. विवेक शर्मा (आईआईसी संयोजक) ने किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *