संवाददाता सीमा कश्यप
रूड़की। सत्ता का नशा जब बोलता है तो सिर चढ़कर बोलता है.चाहे सामने जनता हो तो फिर पत्रकार आपको बताते चले कि सोमवार को रुड़की नगर निगम की बोर्ड बैठक में कुछ ऐसा ही हुआ विधायक प्रदीप बत्रा के सुरक्षा कर्मी ने छीन लिया पत्रकार का कैमरा आखिर क्यों नगर निगम की बोर्ड की बैठक में पत्रकारों की ‘नो एंट्री आखिर क्यों?
आपको बता दे कि रूड़की विधायक प्रदीप बत्रा ने बैठक कक्ष में जिनको चौथे स्तंभ कहा जाता है.यानि कि पत्रकारों के साथ धक्का मुक्की करके बदतमीजी करते हुए पत्रकारों की एंट्री पर रोक लगा दी.जब पत्रकारों ने रूड़की विधायक प्रदीप बत्रा से उसका कारण पूछा, तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया साथ ही उन्होंने वरिष्ठ पत्रकारों के साथ धक्का मुक्की करते हुए बदतमीजी शुरू कर दी.इस घटना के कारण पत्रकारों में आक्रोश बढ़ गया. और विधायक प्रदीप बत्रा के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे.
रुड़की के दोनों प्रेस क्लबों ने इसके बाद एक गोष्ठी का आयोजन कर यह निर्णय लिया कि कल को होने वाले मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का बहिष्कार करेंगे हम कोई भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खबर कवरेज नहीं करेंगे।
जब पत्रकारों ने पर्दे के पीछे बैठे व्यक्ति के बारे में मेयर पति ललित मोहन अग्रवाल से सवाल किया तो उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि उनको नहीं मालूम वह कौन हैं? और साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि नई प्रथा को शुरू नहीं होने दिया जाएगा।
जबकि मेयर पति को इतना भी मालूम नहीं हैं कि जब सदन चलता है तो पत्रकारों के लिए एक अलग से व्यवस्था की जाती हैं. जिससे पत्रकारों को कवरेज करने मे कोई दिक्कत ना हो.वहीं आक्रोशित पत्रकारों ने विधायक प्रदीप बत्रा के सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगने पर कल क़ो जो मुख्यमंत्री का कार्यक्रम उसको बहिष्कार करने की चेतावनी दी है।