हमारे संवाददाता दिनांक 28 फरवरी 2025
रूड़कीं। शुक्रवार को दिल्ली रोड स्थित एक होटल में आयोजित प पत्रकार वार्ता में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि सरकार किसान विरोधी रवैया अपना रही है। केन्द्र व राज्य सरकार के बजट में किसान, मजदुर व छोटे व्यापारियो के लिए नही था । किसान लंबे समय से अनदेखी का शिकार हुआ है। कॉंग्रेस हर स्तर पर किसान मजदूर ओर छोटे कारोबारियों के साथ खड़ी है। गन्ने का सीजन समाप्त होने को लेकिन अब तक गन्ने का मूल्य घोषित नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने हमेशा प्रदेश में अन्य प्रदेशों से ज्यादा गन्ना मूल्य दिया है। बाजारों में चीनी के मूल्य बढ़े हैं लेकिन गन्ने का खरीद मूल्य नहीं बढ़ रहा। किसान की आय गारंटी के रुप मे रखा जाए। न्युनतम समर्थन मूल्य को कानूनी दर्जा दिया जाए। गन्ना का मूल्य 450 रु प्रति क्वि. किया जाए। गन्ना नकदी फसल है। मिल चलने के एक सप्ताह बाद मूल्य निर्धारित की जाए। चीनी मिल पर जो किसानों का बकाया है। योजना बनाकर सरकार उसका भुगतान कराए साथ ही किसानों को बकाया भुगतान में विलम्ब न किया जाए। ऐसी व्यवस्था की जाए कि हर साल किस्तो में किसान का बकाया मिल सके।उन्होने कहा कि दो चीनी मिल बंद करने का षड्यंत्र किया जा रहा है। चीनी मिलें बंद न की जाए। सरकार की मंशा का विरोध किया जाएगा। वही खानपुर विधायक उमेश कुमार और चैंपियन के बीच चल रहे विवाद में टिप्पणी से हरीश रावत ने साफ तौर पर इनकार कर दिया। वही प्रेमचंद अग्रवाल के बयान पर कहा कि उनका बयान राज्य की मूल भावनाओं पर चोट है। उन्होंने इसे उत्तरखंड विरोधी बयान बताया है। साथ हीं कहा कि इसे स्वीकार नही किया जाएगा।
यूसीसी कानून पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि यह भी प्रदेश की मूल भावना पर चोट करता है।। इस मौके पर कलियर विधायक फुरकान अहमद, मंगलौर विधायक काजी निजामुद्दीन, कांग्रेस महानगर अध्यक्ष चौधरी राजेंद्र सिंह पूर्व राज्यमंत्री गौरव चौधरी, राव शेर मोहम्मद, श्रीगोपाल नारसन, प्रणय प्रताप सिंह, आदित्य राणा, मेलाराम प्रजापति, पंकज सैनी, सेठपाल परमार आदि उपस्थित रहे।