प्रदेश में खुलेंगे 3 नए जिला सहकारी बैंक: डॉ. धन सिंह रावत

देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल। प्रदेश में सहकारिता तंत्र को मजबूत बनाने के लिए तीन जनपदों में नए जिला सहकारी बैंक स्थापित किए जाएंगे और 55 नई बैंक शाखाएं खोली जाएंगी। इससे दूरस्थ क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाएं सुलभ होंगी और सहकारिता आंदोलन को गति मिलेगी। सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अपने शासकीय आवास से राज्य सहकारी बैंक और जिला सहकारी बैंकों की वर्चुअल समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी।
बैठक में मंत्री ने एनपीए वसूली को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए सभी जिला सहकारी बैंकों के महाप्रबंधकों को 15 दिनों के भीतर युद्ध स्तर पर वसूली अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि लक्ष्य पूरा न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। डॉ. रावत ने बताया कि मार्च माह में वह हर पांच दिन के अंतराल पर 30 मार्च तक समीक्षा बैठक कर वसूली की प्रगति की निगरानी करेंगे। साथ ही उन्होंने 1 अप्रैल से प्रदेश की शीर्ष सहकारी समितियों में बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य करने के निर्देश दिए, जिससे कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और अनुशासन सुनिश्चित हो सके। बैठक में निबंधक सहकारी समितियां डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, अपर निबंधक ईरा उप्रेती, राज्य सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक प्रदीप मेहरोत्रा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।